मैं हिन्दू हूँ 💞🕉️🚩🙏
जय श्री राम, भगवा अपना जीवन हैं, भगवा अपनी पहचान, भगवा से हैं हिन्दू, और भगवा से ही हिन्दुस्तान। 💞🕉️🚩🙏 मैं हिन्दू हूँ :- हिन्दू शब्द राष्ट्र वाचक है जाति या संप्रदाय वाचक नहीं ... एक मातृभूमि , समान इतिहास, समान परंपरा, समान संस्कृति, समान आदर्श, समान जीवन लक्ष्य ,समान सुख-दुःख, समान शत्रु -मित्र भाव, समान आशा-आकांछा आदि भावों से ही राष्ट्रीयता प्रकट होती है . भारत की उन्नति और विजय से सभी राष्ट्रिय शक्तियों को प्रसन्नता तथा पराजय से दुःख स्वाभाविक है. जिसका व्यवहार इसके विपरीत हो वह अराष्ट्रीय श्रेणी में आता है . भारत के उत्थान पतन का इतिहास ही हिन्दुओं का इतिहास है ! गेहूं के खेत में कुछ अन्य पौधे होने पर भी वह खेत गेहूं का ही कहा जायेगा और जो कम मात्रा में पौध है उसको अल्पसंख्या में है यह पौध ऐसा विचार कर उसको ही बहुतायत से नहीं रोपा जा सकता या यूँ भी कह सकते है कि उसको ऐसी सुविधाएं प्रदान नहीं की जा सकती जिससे कि वह गेहूँ कि पौध को नष्ट कर दे . ऐसा उस हाल में तो कदापि संभव नहीं जब कि वो गेहूँ के लिए उस...